पादाभ्यंग ( पैरों की मालिश ) कैसे करें [ How to do Padabhyang (foot massage) ]

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आज का हमारा विषय है पादाभ्यंग (foot massage) l पाद यानि पैर l अभ्यंग यानि तेल या घी लगाना। पैरों की मालिश करना l वैसे तो आयुर्वेद के सभी समूह का आचार्य ने दिनचर्या बताते हुए हमें रोज पूरे शरीर पर तेल लगाने के लिए और मालिश करने के लिए बताया है

लेकिन अगर आपके पास इतना समय नहीं है l तो इसका उपाय भी उन्होंने बताया है l उन्होंने कहा है कि शिरः श्रवण पादेषु तं विशेषेन शीलयेत l इसका मतलब है कि अगर हम पूरे शरीर पर तेल नहीं लगा सकते तो कम से कम सिर पर, कानों में और पैर के तलवों में हमें नित्य तेल लगाना है l 

इसमें से आज हम पादाभ्यंग के बारे में जानेंगे l अगर हम पांव के तलवों में तेल लगाएंगे l मालिश करेंगे, तब इसका असर पूरे शरीर पर दिखेगा l

ये सब जानें –

  • पादाभ्यंग के फायदे क्या है ?
  • इसे कब करें ?
  • इसे कैसे करें ?
  • इसकी विधि क्या है ? 
  • और किन अवस्थाओं में पादाभ्यंग ना करें ?
  • इन सब के बारे में आज के ब्लॉग में जानेंगे l 

नमस्कार।     

मैं हूं आरोही सोनी और हिंदी अयूर में आपका स्वागत है l आचार्य चरक ने सूत्र स्थान की मात्रा सीती अध्याय में हमें पादाभ्यंग के फायदे बताएं है l अगर पैरों में रूखापन है, खुरदरा पन है, एड़ियां फटी हुई है तो नित्य पादाभ्यंग करने से बहुत लाभ होता है l पैरों में कोमलता आती है l 

हमारे पैर दिन भर में कितना सारा काम करते हैं, दिन भर का घूमना फिरना, खड़े रहना l खासकर जिन लोगों का काम ही खड़े रहते हैं l उनको तो नित्य पादाभ्यंग ही करना चाहिए l इससे पैरों में बल आता है, स्थिरता प्राप्त होता है l वात शमन होता है l दर्द भी कम होता है l 

इससे आंखों के स्वास्थ्य सुधारने में भी मदद मिलती है l अगर आपकी आंखों की कुछ बीमारियां है l अगर ड्राइनेस है, जलन होती है या फिर चश्मे का नंबर ज्यादा है तो नित्य पादाभ्यंग करने से इन सब में लाभ मिल सकता है l 

पादाभ्यंग करने से सभी प्रकार के वात विकारो का शमन होता है l आचार्य चरक ने इसमें खासकर गुरु दृश्य का वर्णन किया है l गुरु दृश्य यानि साइटिका l इस व्याधि में कमर से लेकर पैर के तलवों तक दर्द रहता है, तो जब हम पादाभ्यंग करते हैं तो वात शमन होकर दर्द भी कम हो जाता है l 

अगर शरीर में कहीं पर भी जकड़न है, तो भी इससे बहुत फायदा मिलता है l जिन लोगों को नींद नहीं आती अगर उन्होंने भी पादाभ्यंग किया तो उनको भी बहुत गहरी नींद आ सकती है l 

अब जानते हैं, पादाभ्यंग कब करें ( Now you know when to do Padabhang ) –

पादाभ्यंग
Foot massage

हमें हर रोज पादाभ्यंग करना है l आप सुबह नहाने से पहले कर सकते हैं, जब भी आपको फुर्सत है, जैसे आप टीवी देख रहे हैं तो आप कर सकते हैं l लेकिन अगर आपने रात को सोने से पहले पादाभ्यंग करेंगे कि आपको नींद भी बहुत अच्छी आएगी दिन भर की थकान है, वह भी दूर हो जाएगी और जो तेल या घी जो आपने अपने पैरों में लगाया है वह भी ज्यादा देर तक वहां पर रहेगा l 

अब जानते है पादाभ्यंग कैसे करें इसकी विधि क्या है ( Now know what is the method of how to do Padabhang ) –

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तो इसके लिए आपको तेल या घी लगेगा एक आपको कांसे की कटोरी लगेगी अगर आपके पास कांसे की कटोरी नहीं है तो हाथ से भी कर सकते हैं और एक सूती कपड़ा लगेगा l अब देखिये मेरे पास यह है, इसका कांसे की कटोरी है इस पर हैंडल है l 

आपके पास घर में कुछ भी रहा तो भी चलेगा अब जैसे आपका यह पैर का तलवा है तो इसमें अपने तेल या घी लगाना है इसके ऊपर भी दो-चार बूंदें डालने और इस तरह से ऊपर से नीचे और नीचे से ऊपर ले कर जाना हैं l 

और फिर बाद में नीचे भी गोल गोल से घुमाना है ऊपर पर भी इसे पादाभ्यंग करना है इसमें आपको ऐसे लगेगा कि यह जो कांसे की कटोरी है और अगर आपने घी लगाया है तो थोड़ी देर बाद पैरों का कलर काला-काला होने लगता है l लेकिन इसमें चिंता करने की जरूरत नहीं है, उसको सिर्फ आपने कपड़े से पोंछ लेना है l 

अब जानते हैं l पादाभ्यंग कितनी देर तक करना है ( Now you know how long to do Padabhyang ) –

तो दोनों पैरों में हमें 10 मिनट तक पादाभ्यंग करना है l आप कहेंगे यहां पर तो नींद के लिए टाइम नहीं है तो कहां पर रात को पादाभ्यंग करते रहेंगे l लेकिन अगर आप पादाभ्यंग करके सोएंगे तो आपकी जितनी नींद होगी वो बहुत गहरी होगी 

पादाभ्यंग

और अगर नींद कम होने की वजह से अगर आपको सुबह एसिडिटी होती है या जी मचलाना ऐसा लगता है तो इसलिए पादाभ्यंग से, ये लक्षण की कम हो जाएगी l अगर मेंटल स्ट्रेस है फिजिकल स्ट्रेस है वो भी कम हो जाएगा 

आप पादाभ्यंग खुद भी कर सकते हैं या फैमिली मेंबर एक दूसरे का करा कर भी दे सकते हैं l

अब जानते हैं हमें पादाभ्यंग  के लिए तेल या घी कौन सा इस्तेमाल करना है ( Now we know which oil or ghee we have to use for Padabhang ) –

तो इसमें आप तिल का तेल या नारियल का तेल, महानारायण तेल, बला तेल, चंदन बला लाक्षादि तेल या फिर गाय का घी इस्तेमाल कर सकते हैं l अगर शरीर में वात या कफ दोष बढ़ा हुआ है तो तिल का तेल इस्तेमाल कर सकते हैं 

और अगर पित्त दोष बढ़ा हुआ है, पांव में जलन होती है तो फिर आप गाय का ही इस्तेमाल कीजिए l जिन लोगों को डायबिटीज है काफी सालों से उनके पैर के तलवों में बहुत जलन रहती है, इसे डायबिटिक न्यूरोपैथी कहते हैं तो इस अवस्था में पैर में गाय का घी लगाने से बहुत लाभ मिलता है l 

अब जानते हैं पादाभ्यंग किसे नहीं करना चाहिए l ( Now you know who should not do pedabriment ) –

पादाभ्यंग

जिनको सर्दी खांसी जैसे कफ वाले विकार है, अजीर्ण है या नहीं पहले खाया हुआ पचा नहीं है, या फिर जिन्होंने वमन विरेचन आदि पंचकर्म चिकित्सा कराई है । उन्हें पादाभ्यंग नहीं करना चाहिए बाकी सभी अवस्थाओं में सभी उम्र में आप पादाभ्यंग कर सकते हैं 

तो आज से ही पादाभ्यंग करना चालू कीजिए l इससे आपको क्या लाभ हुआ यह हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताइए l आपको आज का ब्लॉग कैसे लगा यह भी हमें कॉमेंट में जरूर बताइए और आपको अगर यह ब्लॉग अच्छा लगा तो लाइक और शेयर कीजिए। फिर मिलेंगे अगले ब्लॉग में आयुर्वेद को अपनाए स्वस्थ रहिए।

 नमस्कार

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