जाने इम्युनिटी क्या होता है और इसे कैसे बढ़ा सकते है- Know what is Immunity Power and how to increase It?

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What is Immunity Power ?- रोग प्रतिरोधक क्षमता क्या है ?

आज इस पोस्ट में, मैं आपको एक ऐसे काढ़ा (Brew) के बारे में बताने जा रही हूं, जो आपके शरीर की रोगों से लड़ने की ताकत को दोगुना कर देगा। यह काढ़ा उन सभी वायरसों के लिए है।

जो मौसम में बदलाव के कारण आप के संपर्क में आ जाते हैं। और इस काढ़ा (Brew) को आप बड़ी ही आसानी से केवल 10 मिनट में घर पर ही तैयार कर सकते हैं।
अभी मैं आपको यह काढ़ा बनाना भी बताऊँगी। और इसे कब और कितनी मात्रा में लेना चाहिए, इसकी भी जानकारी दूंगी।
तो आइए सबसे पहले जान लेते हैं, कि वायरस के कारण हम बीमार क्यों हो जाते हैं।

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हमारे शरीर पर कई बैक्टीरिया और वायरस हर समय अटैक करते रहते हैं, और क्या आप जानते हैं,
इन बैक्टीरिया और वायरस से होने वाली बीमारियों में से केवल 20% बीमारियों को आधुनिक मेडिकल साइंस द्वारा ठीक किया जा सकता है।

या यूं कह लें कि 20% बीमारियों का ही इलाज खोजा जा सका है। 80% बीमारियों से हमारा शरीर लड़ता है। जी हां दोस्तों हमारा शरीर हर समय किसी न किसी बाहरी व्यक्ति है, वायरस से लड़ता रहता है। 3 साल हम एक नए वायरस या बैक्टीरिया के बारे में सुनते हैं। यह वायरस कुछ लोगों को ज्यादा प्रभावित करते हैं, और कुछ को बिल्कुल भी नहीं।

Type of Blood cells

Know what is immunity and how to increase it

ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि कुछ लोगों के शरीर में पाई जाने वाली डब्ल्यूबीसी यानी वाइट ब्लड सेल्स (White Blood cells) बहुत ही स्ट्रांग होती है। तो आइए जानते हैं कि डब्ल्यूबीसी क्या होती है

हमारे शरीर के ब्लड में तीन तरह की सेल मुख्य रूप से पाई जाती हैं डब्ल्यूबीसी अथवा व्हाइट ब्लड सेल्स (White Blood cells) आरबीसी यानि रेड ब्लड सेल्स (Red Blood cells) और प्लेटलेट (Platelets)। डब्ल्यूबीसी यानी White Blood cells का मुख्य काम हमारे शरीर में बाहर से आए वायरस और बैक्टीरिया को खत्म करना होता है। इसीलिए हमारे शरीर के सिपाही भी कहा जाता है। हमारे शरीर में डब्ल्यूबीसी जितनी मजबूत होगी, हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम रोग प्रतिरोधक क्षमता ( Immunity Power ) उतना ही मजबूत यानि strong होगा।

अक्सर आपने देखा होगा कि मौसम के बदलने पर बीमारियां बढ़ जाती है। इसके दो कारण होते हैं

बदला हुआ मौसम, बैक्टीरिया और वायरस के लिए अनुकूल होता है, यानी कि इस मौसम में बैक्टीरिया और वायरस आसानी से जी पाते हैं और इनकी संख्या लगातार बढ़ने लगती है।
दूसरा व्यक्ति की Immunity यानी कि किसी व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता ( Immunity ) या रोगों से लड़ने की ताकत का कम होना।

अब जान लेते हैं कि आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता Immunity या रोगों से लड़ने वाली ताकत को बढ़ाने वाले इस कार्य को आप घर पर आसानी से कैसे बना सकते हैं और मुझे यकीन है कि जिन चीजों का इस्तेमाल इस काढ़े में किया गया है, वह आपको आपकी रसोई घर में ही आसानी से मिल जाएगी।

आज इस पोस्ट में, मैं एक व्यक्ति के लिए काढ़ा बनाने की सामग्री बता रहा हूँ। और अगर आपको दो व्यक्तियों के लिए काढ़ा बनाना है, तो इसमें डलने वाली सभी चीजों की मात्रा को दुगना कर दे और अगर तीन व्यक्तियों के लिए बनाना है तो इन चीजों की मात्रा को तिगुना कर दे।

Brew recipe – काढ़ा बनाने की विधि

सबसे पहले आप एक बर्तन में एक गिलास यानी 250 ml पानी डाले। अब इस पानी में सबसे पहले अजवाइन (celery) डाले। अजवाइन के इन छोटे-छोटे बीजों में ऐसे गुणकारी तत्व मौजूद होते हैं।

जिनसे आप अब तक अनजान है। इनडाइजेशन (Indignation) या अपच होने पर अक्सर गर्म पानी के साथ अजवाइन खाने की सलाह दी जाती। पेट दर्द, गैस, उल्टी, खट्टी डकार और एसिडिटी होने पर इसके सेवन से जल्दी आराम मिलता है। और यही नहीं बदलते मौसम के कारण होने वाली सर्दी, जुखाम, खांसी व बुखार से छुटकारा पाने की अचूक दवा है।

Benefits of celery- अजवायन के फायदे

अजवाइन इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स और जलन रोधी तत्व पाए जाते हैं। जो ना सिर्फ छाती में जमा कफ से छुटकारा दिलाते हैं। बल्कि सर्दी और साइनस में भी आराम देते हैं।

साथ ही सर्दी-खांसी के कारण होने वाले सिरदर्द में भी इसके सेवन से आराम मिलता है। अब आप इस काढ़े में आधा छोटा चम्मच अजवाइन डाल दें। अब इसमें लॉन्ग इस्तेमाल करेंगे। यह वास्तव में छोटी आकार की होती है

Benefits of Long- लॉन्ग के फायदे

लेकिन इसके कई चमत्कारी फायदे हैं। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि लोग सर्दी-खांसी से लेकर मधुमेह और अस्थमा जैसी बीमारियों के इलाज में भी काम आती है। लॉन्ग में एंटीबैक्टीरियल, anti-inflammatory, एंटी फंगल, एंटी ऑक्सीडेंट और एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं ।

लॉन्ग में विटामिन K और जरूरी खनिज जैसे जिंक, कॉपर, मैग्नीशियम आदि पाए जाते हैं। जिससे इसके सेवन से यह खून में शुगर की मात्रा को कम कर देती है। पेट की समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए भी लॉन्ग का इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही लॉन्ग रक्तशोधक यानि Blood purifier के रूप में भी कार्य करती है।

और यह खून के प्रभाव को बेहतर करती है। जिससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है। लोंग आपकी इम्यूनिटी यानि रोगों से लड़ने की ताकत को बढ़ाकर बाहरी इंफेक्शन यानि संक्रमण से आपकी रक्षा करती है।

आपको इस कार्य में पांच से छह लॉन्ग इस्तेमाल करना है। अब इस काढ़े में हम काली मिर्च डालेंगे।
स्वास्थ्यवर्धक एवं खाने का जायका बढ़ाने वाले गुणों के कारण काली मिर्च को मसालों का राजा कहा जाता है काली मिर्च में पेपराइन  नामक रसायन होता है, जिसकी वजह से इसका स्वाद तीखा होता है।

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Benefits of Black paper – काली मिर्च के फायदे

आयुर्वेद में बताया गया है कि काली मिर्च के सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता- Immunity बढ़ती है। जिससे शरीर स्वस्थ बना रहता है यह शरीर में बाहरी संक्रमण को पहुंचने से रोकती है।

साथ ही कब्ज की समस्या को दूर करती है। काली मिर्च में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। जो आपको सर्दी-खांसी से राहत दिलाने में मदद करते हैं। इसके अलावा काली मिर्च में कई एक्टिव फाइटोन्यूट्रिएंट्स (Phytonutrients) होते हैं, जो फैट सेल्स को तोड़ने का काम करते हैं। जिससे वजन कंट्रोल में रहता है आप इस काढ़े में पांच से छह काली मिर्च के दाने डाल दे।

Benefits of turmeric – हल्दी के फायदे

अब इस काढ़े में हम हल्दी डालेंगे, हल्दी जहां एक और खाने का स्वाद और रंग बढ़ा देती है। वहीं इसका उपयोग सौंदर्य वृद्धि और त्वचा की समस्याओं को दूर करने के लिए भी किया जाता है।

इसके अलावा हल्दी शरीर को स्वस्थ रखने में भी बहुत सहायक है कई अनुसंधान के मुताबिक हल्दी रोजाना खाने से एसिड यानि पित्त ज्यादा बनता है। जिससे खाना आराम से हजम होता है।

हल्दी में प्रोटीन, विटामिन-A, कार्बोहाइड्रेट और मिनरल्स की प्रचुर मात्रा के अलावा एंटी ऑक्सीडेंट, एंटीफंगल व एंटीसेप्टिक जैसे कई सारे गुण पाए जाते हैं। हल्दी हमारे लीवर को डिटॉक्सिफाई यानी शरीर के विषैले तत्वों को बाहर निकालने का काम करती है। हल्दी में करक्यूमिन तत्व गॉलब्लैडर यानि मूत्राशय में पित्त को बढ़ा देता है।

जिससे विषैले जीवाणु और बैक्टीरिया शरीर से बाहर निकल जाते हैं। रोजाना हल्दी के सेवन से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। जिससे शरीर को मौसमी बीमारियों से लड़ने की शक्ति मिलती है।
इसके अलावा डायबिटीज व कैंसर जैसी बीमारियों से भी बचाव करती है हल्दी किसी भी तरह की खांसी को जड़ से खत्म कर देती है आप इस काढ़े में आधा छोटा चम्मच हल्दी डाल दें।

benefits of Tulsi – तुलसी के फायदे

अब इसमें हम 6-7 छोटे तुलसी के पत्ते डालेंगे। तुलसी के पत्तों में कई तरह के पोषक तत्व और विटामिंस पाए जाते हैं जैसे कि विटामिन-A, B, C एवं K, कैल्शियम, आयरन, जिंक, omega-3, मैग्नीशियम और मैग्नीज।

तुलसी का पौधा लगभग हर घर में पाया जाता है। लेकिन हमारे घर में होने के बावजूद हम इसका प्रयोग नहीं करते। यह एक ऐसी आयुर्वेदिक औषधि है। जो बाजार में मिलने वाली सभी दवाओं से सस्ती है। और इसके कोई साइड इफेक्ट यानि कोई खराब असर भी नहीं होते। तुलसी की पत्तियां जीवाणु को बढ़ने से रोकती है।
यानी हर तरह के इंफेक्शन के इलाज में मदद करती है। तुलसी, खांसी और कफ को जड़ से खत्म करती है। पेट की बीमारियां जैसे पेट में दर्द, गैस, पेट में जलन, ब्लाटिंग आदि को ठीक करती है।

तुलसी हमारे शरीर के लिए एक रक्षा कवच की तरह काम करती है इसमें ऐसे कई गुण पाए जाते हैं। जो शरीर में इंफेक्शन से लड़ने वाली एंटीबॉडीज के उत्पादन में बढ़ोतरी करते हैं जिससे हम जल्दी बीमार नहीं पड़ते तुलसी के इन पत्तों को डालने से पहले पानी से अच्छे से धो लें।

benefits of ginger – अदरक के फायदे

अब हम काढ़े में एक अदरक का छोटा टुकड़ा कसकर डाल देंगे। अदरक में ginger role होता है
जिससे मांसपेशियां मजबूत होती है। इसके अलावा अदरक दर्द निवारक कैंसर से बचाव, हाई ब्लड प्रेशर पर नियंत्रण, पाचन में सहायक कोलेस्ट्रॉल को कम करना व सर्दी खांसी और जी मचलाने की समस्या का समाधान भी है अस्थमा के मरीजों के लिए तो अदरक एक वरदान से कम नहीं है।
साथ ही अदरक पाचन संबंधित सभी परेशानियों को दूर करके हमारे पाचन यानि immune system को मजबूत बनाता है। क्योंकि शरीर की 80% बीमारियों की जड़ हमारा बिगड़ा हुआ पाचन होता है।

जिससे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता ( Immunity Power) कम हो जाती है अब आप इस काढ़े को उबाल लें। इस काढ़े को आपको तब तक उबालना है जब तक यह घटकर आधा न रह जाए। अब आप इसे थोड़ी देर ठंडा होने के लिए छोड़ दें।

जब यह हल्का गर्म रह जाए तो इसे छानकर इसे सिप सिप कर पिए। इस काढ़े को आपको रात को सोने से पहले पीना है। सप्ताह में दो बार आप इसे पी सकते हैं। अगर आप बच्चे को यह काढ़ा दे रहे हैं।
तो आप इसमें शहद भी डाल सकते हैं।  क्योंकि काली मिर्च और अदरक के कारण यह थोड़ा तीखा होता है।

तो पाठको, आज की जानकारी आपको कैसी लगी। कमेंट करके जरूर बताएं।

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14 COMMENTS

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